
जनप्रतिनिधि की मानवीय पहल: ओमान से दिवंगत प्रवासी का पार्थिव शरीर वतन पहुंचाने में रुश्दी मियां बने परिवार का सहारा, क्षेत्र में हो रही सराहना
रुदौली/अयोध्या। इंसानियत की कोई सरहद नहीं होती, और जब कोई जनप्रतिनिधि दुख की घड़ी में किसी परिवार का सहारा बन जाए,तो वह लोगों के दिलों में विशेष स्थान बना लेता है। ऐसा ही एक उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब ओमान में उपचार के दौरान दिवंगत हुए जैथरी गांव निवासी शिवकुमार निषाद का पार्थिव शरीर बुधवार को स्वदेश पहुंचा।
विदेश में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कराने से लेकर लखनऊ एयरपोर्ट पर स्वयं पहुंचकर पार्थिव शरीर को रिसीव करने तथा उसे सम्मानपूर्वक परिजनों तक पहुंचाने तक, पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक सैय्यद अब्बास अली जैदी ‘रुश्दी मियां’ पूरे समय पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहे।
यह कोई पहला अवसर नहीं है। इससे पहले भी रुश्दी मियां विदेशों में दिवंगत हुए कई प्रवासी भारतीयों के पार्थिव शरीर को उनके वतन तक सम्मानपूर्वक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। उनके प्रयासों से कई परिवार अपने प्रियजनों के अंतिम दर्शन कर सके हैं। रुदौली विधानसभा क्षेत्र में इस मानवीय कार्य की जोरदार चर्चा हो रही है। लोग इसे इंसानियत, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए रुश्दी मियां की खुलकर सराहना कर रहे हैं क्षेत्रवासियों का कहना है कि राजनीति से ऊपर उठकर दुखी परिवारों का साथ देना ही सच्ची जनसेवा है।
रुश्दी मियां का यह मानवीय प्रयास एक बार फिर यह संदेश देता है कि जनता का सच्चा प्रतिनिधि वही है, जो हर सुख-दुख में लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहे। उनके इस कार्य की पूरे क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है और लोग इसे मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल बता रहे हैं।
